दिनदहाड़े हुए अपहरण का पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, अर्टिगा कार जप्त


इंदौर शहर के आजाद नगर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुए सनसनीखेज अपहरण मामले का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अपहृत युवक को सकुशल बरामद करते हुए घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार को भी ज़ब्त किया है। पुलिस की इस तेज़ और सटीक कार्रवाई की चारों ओर सराहना की जा रही है।

विधिक आवाज़ समाचार |इंदौर, मध्यप्रदेश
विशेष संवाददाता सह संपादक  वीआर अग्निहोत्री : 
10 अप्रैल 2025


दिनांक 08 अप्रैल 2025 को फरियादी उज्ज्वल सिंह एवं उनकी बहू ने थाना आजाद नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके भाई अर्जुन सिंह (32), निवासी शांतिनगर, इंदौर को दो युवक—अरविंद भंडारी और करण भंडारी—उद्योग नगर क्षेत्र से जबरन कार में बैठाकर ले गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों द्वारा 15,000 रुपये के लेन-देन को लेकर जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना आजाद नगर में तत्काल धारा 137(2), 140(1) बीएनएस के अंतर्गत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस की सघन कार्यवाही

इंदौर पुलिस आयुक्त श्री संतोष सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित सिंह और पुलिस उपायुक्त जोन-1 श्री विनोद मीणा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व थाना प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया ने किया। टीम ने करीब 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी सर्विलांस तथा मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों का सुराग निकाला।

देवास से बरामद हुआ अपहृत युवक

सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने जिला देवास के भोपाल रोड पर घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से अर्जुन सिंह को सकुशल बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:

करण सिंह भंडारी (24) - निवासी सदर

सुनील सिंह नागर (26) - निवासी बरौठा, देवास

अजय कोरी (22) - निवासी मालवीय नगर, इंदौर

पुलिस ने इनके पास से अपहरण में प्रयुक्त अर्टिगा कार भी ज़ब्त की है।

साज़िश और वजह

प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अर्जुन के भाई ने कुछ समय पहले आरोपियों से 15,000 रुपये उधार लिए थे, जो समय पर वापस नहीं किए गए। इसी के चलते चारों आरोपियों ने एकमत होकर अपहरण की साजिश रची और अर्जुन को जबरन कार में बिठाकर ले गए। आरोपियों का उद्देश्य धमकाकर वसूली करना था।

मुख्य आरोपी फरार, तलाश जारी

इस मामले में एक आरोपी अरविंद भंडारी, निवासी वैभव लक्ष्मी नगर, खजराना, अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने उस पर इनाम घोषित कर दिया है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस सफलता में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह सिसोदिया के साथ-साथ सहायक उपनिरीक्षक दिनेश वचुनिया, संदीप बैस, प्रधान आरक्षक प्रदीप पटेल, नितीश अठोद, भेरू सिंह, तथा तकनीकी टीम के अमित खत्री, गोवर्धन और प्रशांत ने सराहनीय योगदान दिया।

निष्कर्ष:
इंदौर पुलिस की तेज़ कार्रवाई से एक बड़ी आपराधिक साजिश नाकाम हुई है और एक युवक की जान बचाई गई है। यह घटना इंदौर पुलिस की निगरानी क्षमता और तत्परता का उत्कृष्ट उदाहरण है।



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