नाटाराम/सीतामऊ | नवांकुर संस्था द्वारा पोधारोपण और सेक्टर बैठक का आयोजन , मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध ओखा बावड़ी की कयामपुर स्थित बावड़ी पर आज एक महत्वपूर्ण जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन हुआ। इस आयोजन में सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत कयामपुर और नवांकुर संस्था के साथ-साथ विभिन्न ग्राम समितियों ने मिलकर सफाई अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों की सफाई और संरक्षण के लिए जनसहयोग जुटाना था।
विधिक आवाज समाचार| मंदसौर
श्यामलाल चंद्रवंशी|10 अप्रैल 2025
मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद द्वारा चयनित नवांकुर संस्था, नाटाराम प्रगतिशील विकास समिति और कयामपुर जनजागरण विकास समिति ने इस सफाई अभियान को सफलता से संचालित किया। इस दौरान मुख्य रूप से जिला समन्वयक तृप्ती वैरागी, विकासखण्ड समन्वयक नारायणसिंह निनामा, सरपंच जगदीश माली, परामर्शदाता हेमन्त गोड, हरिओम गंधर्व, और दिलीप भटनागर ने श्रमदान किया। इसके साथ ही ग्राम कयामपुर और ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारी और मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस अभियान में भाग लिया।
मुख्य उद्देश्य और कार्य:
इस सफाई अभियान का मुख्य उद्देश्य ओखा बावड़ी के जल स्रोतों की सफाई करना और इसके गहरीकरण का कार्य जनसहयोग से करना था। इसके अतिरिक्त गर्मी में पक्षियों के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न ग्रामों में सकोरे लगाए जाने का संकल्प लिया गया। अभियान के दौरान पोधारोपण भी किया गया और आने वाले समय में पोधों की सुरक्षा एवं बढ़वार के लिए स्थान चयनित किया गया।
जल गंगा संवर्धन अभियान की विस्तृत जानकारी:
कार्यक्रम के दौरान जिला समन्वयक तृप्ती वैरागी ने बताया कि शासन द्वारा 30 मार्च से लेकर 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में जल स्रोतों की सफाई और गहरीकरण के साथ-साथ पोधारोपण का कार्य जनसहयोग से किया जाएगा। साथ ही, विकासखण्ड समन्वयक नारायणसिंह निनामा ने बहते हुए पानी को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया।
ग्राम पंचायत कयामपुर और नवांकुर संस्था का योगदान:
ग्राम पंचायत कयामपुर और नवांकुर संस्था की ओर से कार्यक्रम में पक्षियों के लिए सकोरे लगाए गए। इस दौरान उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने विचार साझा किए। परामर्शदाता हरिओम गंधर्व ने कहा कि शासन की योजनाओं को प्रचारित करने के साथ-साथ ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियां सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। हेमन्त गोड ने यह भी कहा कि शासन की योजनाओं को समाज के सहयोग से ही सफलता मिल सकती है।
सहभोज और भ्रमण:
कार्यक्रम के पश्चात सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें कयामपुर में निर्मित गौशाला का भ्रमण भी किया गया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस गौशाला के संचालन के बारे में जानकारी प्राप्त की।
पोधारोपण स्थान चयन और भविष्य की योजनाएं:
नवांकुर संस्था के द्वारा वर्षा के दौरान पोधारोपण के लिए 201 पौधों के रोपण हेतु स्थान भी चयनित किया गया। इस स्थान का निरीक्षण जिला समन्वयक तृप्ती वैरागी और विकासखण्ड समन्वयक नारायणसिंह निनामा ने किया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति:
इस कार्यक्रम में अनेक समाजसेवी और अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें जिला समन्वयक तृप्ती वैरागी, विकासखण्ड समन्वयक नारायणसिंह निनामा, सरपंच जगदीश माली, जनपद सदस्य संजय मण्डलोई, आंचलिक पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष तुलसीराम राठौर, परामर्शदाता हेमन्त गोड, हरिओम गंधर्व, दिलीप भटनागर, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष भगतराम राठौर, कैलाश गुर्जर, बापुसिंह, प्रहलाद सिंह, और अन्य कई लोग शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन:
कार्यक्रम का शुभारंभ ओखाबावजी और बालाजी के मंदिर में माला पहनाकर किया गया। नवांकुर संस्था के कार्यक्रम समन्वयक हरिओम गंधर्व ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। अंत में, आभार व्यक्त करते हुए नवांकुर संस्था के अध्यक्ष दिलीप भटनागर ने सभी का धन्यवाद किया।

