इंदौर नगर निगम की लापरवाही एवं पुलिस प्रशासन के सामने गरीब के आशियाने किए जमीन दोज़
लगातार जहां प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दावे कर रहे हैं कि किसी भी मकान को जमीन , दोज़ नहीं किया जाएगा । लेकिन दाल मिल के मालिक की साँठ गांठ से गरीब लोगों के मकान तुड़वाए जा रहे हैं।
जी हम बात कर रहे हैं इंदौर के तीन इमली पालदा के यहां पर स्थित है साधना , उर्मिला तिवारी , लालाराम तिवारी , ज्योति तिवारी का मकान पुलिस प्रशासन और नगर निगम की टीम द्वारा जमी दोज कर दिया गया था , जबकि यह कारनामा नगर निगम की रिमूवल टीम द्वारा किया गया , जबकि इसके पूर्व इन मकान वालों को किसी प्रकार का अवैध निर्माण का नोटिस नहीं दिया गया , नोटिस पीछे दाल मिल के मालिक के नाम से दिया गया था लेकिन मोटी रकम खाने के बाद निगम के अमले ने दाल मिल को नहीं तोड़ते हुए इन लोगों के मकान तोड़ दिए।
जहां पर मकान स्थित है वहां रहने वाले लोगों से जब बात की गई तो लोगों ने भी आरोप लगाया कि बिना किसी सूचना के हमें हमारे मकान से बाहर कर दिया और बिना कुछ बताएं हमारे मकान को तोड़ दिया , जब हम लोगों ने इस बात का विरोध किया तो पुलिस प्रशासन ने हमें धक्के देकर बाहर धकेल दिया हमारे यहां हमारे परिवार के कुछ पुरुष को भी गंभीर चोटे आई जिसमें एक व्यक्ति की हाथ की उंगली कट गई , लोगो का कहना है की प्रशासन हमसे झूठ बोलकर यह कार्रवाई कर रहा था ।
अब देखना यह है की , क्या ? नगर निगम पुलिस प्रशासन पर इस घटना को लेकर कोई कार्रवाई करेगा या नहीं । जिन लोगों के मकान तोड़े गए उन्हें इंसाफ मिलेगा या नहीं ।

