शहर भर में जहां डोल ग्यारस का पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है तो कई झांकियो के साथ डोल निकाले जाते हैं ।
मां अहिल्या की पावन नगरी इंदौर तो ऐसे धार्मिक आयोजनों में आगे ही रहता है , इसी कड़ी में डोल ग्यारस के दिन जगह-जगह राधा कृष्ण भगवान के ढोल का स्वागत किया जाता है। कई अखाड़ों के उस्ताद खलीफा अपने शिष्यों द्वारा अखाड़े की कला का प्रदर्शन दिखाते हैं , बता दे कि विगत 51 वर्षों से बलाई सकल पंच समाज द्वारा भगवान राधा कृष्ण का डोल निकाला जाता है, वही बलाई समाज अखाड़े के उस्तादों द्वारा उनके शिष्यों के साथ पूरे मार्ग पर शस्त्र कला का प्रदर्शन किया जाता है।
यात्रा में समाज के कई लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं एवं जगह-जगह पुष्प वर्षा से भगवान राधा कृष्ण के डोल का स्वागत किया जाता है ।
डोल कटकट पूरा से निकलकर जूनी इंदौर गाड़ी अड्डा हाथी पाला जवाहर मार्ग राजवाड़ा होते हुए हरसिद्धि माता मंदिर पर पहुंची जहां पर भगवान राधा कृष्ण के डोल की आरती की गई उसके पश्चात डोल पुना कार्यक्रम स्थल पर ले जाकर समापन किया गया ।आयोजक एवं डोल संयोजक अशोक कुमार मालवीय ने बताया कि हम हर वर्ष अलग-अलग रूप में भगवान राधा कृष्ण का डोल निकलते आ रहे हैं , वही राष्ट्रीय मनोज परमार अपने साथियों के साथ समाज के डोल का स्वागत करते नजर आए।
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इंदौर विधिक आवाज से कमलेश मौर्य की खास रिपोर्ट
