सभी धर्म के बेसहारा व गरीबों को तोहफा भेंट कर इंसानियत के जज़्बे से मनाई ईद मिलादुन्नबी ।
सभी धर्म के बेसहारा व गरीबों को कम्बल, कपड़े, साड़ी, सलवार सूट बतौर तोहफा भेंट कर इंसानियत के जज़्बे से मनाई ईद मिलादुन्नबी ।
असहाय व गरीबों की मदद करना ही मानव धर्म है ।
इंदौर । देशभर में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे विलादत यानी जन्मदिन को जश्ने ईद मिलाद-उन-नबी के रूप में इंसानियत के पैगाम के साथ मनाया गया। जगह-जगह लंगर और ख़िदमत व सेवा के जज़्बे से कार्यक्रम आयोजित किये गए। जश्ने ईद मिलादुन्नबी का मुख्य कार्यक्रम प्रिंस यशवंत रोड़ पर सर्वधर्म संघ के बैनर तले शहर काजी इशरत अली और कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट संस्था अध्यक्ष मंजूर बैग के मुख्य आतिथ्य में हुआ। जहां कैबनेट मंत्री व शहर काजी और सूफी संत के हाथों सभी धर्म के बेसहारा व गरीबों को कम्बल, कपड़े, साड़ी, सलवार सूट बतौर तोहफा व तबर्रुक वितरित कर मानवता की सेवा की अनूठी मिसाल पेश की। दृष्टि दिव्यांग बालिकाओं को भी सम्मानित करते हुए सलवार सूट व अन्य तोहफे भेंट किये गए।
प्रारंभ में सर्वधर्म संघ के अध्यक्ष मंज़ूर बेग ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि बरसों से हम सभी त्योहार मिलजुलकर मनाते आ रहे हैं और गंगा जमुना तहज़ीब को मजबूत कर रहे हैं ताकि देश की सभी धर्म के मानने वालों की एकता व भाईचारे की खूबसूरती बनी रहे।
मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट ने अपने संबोधन में राज्यवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। हमें पैगम्बर साहब के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सभी में करुणा और भाईचारा कायम बरक़रार रखना है। मंत्री तुलसी सिलावट ने प्रदेशवासियों को पारस्परिक सौहार्द्र, आपसी प्रेम और सहिष्णुता के साथ ईद मिलाद-उन-नबी मनाने की अपील की है। उन्होंने सेवा प्रकल्प के साथ किये जीतेगए कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा असहाय व गरीबों की मदद करना ही मानव धर्म है।
शहर काजी इशरत अली ने कहा पूरी दुनिया सुकून की तलाश कर रही है। जबकि पैगम्बरे इस्लाम की शिक्षाएं इंसानियत की भलाई व अमन सुकून के लिए है। हम पड़ोसियों से मोहब्बत व भाईचारे के साथ रहें। ये दिन करुणा और भाईचारा कायम रखने की सीख देता है। हमें आने वाली युवा पीढ़ी को अमन और भाईचारा का संदेश देना है। इस मौके पर सर्वधर्म संघ के उपाध्यक्ष रियाज़ खान, संत अरुणानंद महाराज, वर्धानंद गिरी महाराज नरसिंह टेकरी, हजरत यूनुस साहब, मौलाना हकीम ,जाकिर खान ,मोहम्मद अकबर काजी ,सोहेल पठान ,समीर बैग ,माहिर वारसी, दिलशाद खान ,एजाज कुरैशी ,ताहिर कमाल सिद्दीकी, सरफराज खान ,सागर बाबा वारसी, मोहम्मद अकबर भाई, इम्तियाज अली , मुकेश बजाज शाकिर अली ,सतीश शर्मा , आशीष राय यूनुस खान आदि मौजूद थे।

