"हत्यारा खुलेआम घूम रहा, थाना सीमा की राजनीति में उलझी इंसाफ की पुकार!"


हैवानियत की हद: पत्नी को जहर देकर मारा, चाकू से हमला किया; पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल, फरियादी बोला – इंसाफ दिलाओ, नहीं तो हर थाने का घेराव होगा

इंदौर, 31 मार्च 2025 — विधिक आवाज़ समाचार
विशेष खबर : ✍️✍️ विश्वामित्र अग्निहोत्री 

इंदौर शहर के आजाद नगर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला प्रियंका मंडलोई को उसके पति भूपेन्द्र मंडलोई ने कथित रूप से पहले जहर खिलाया, फिर चाकू जैसे धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। यह मामला अब ना सिर्फ महिला की हत्या को लेकर गरमाया हुआ है, बल्कि पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

फरियादी सुदामा चौधरी का आरोप – पुलिस ने किया टालमटोल


पीड़िता के परिवार की ओर से न्याय की गुहार लगाते हुए सुदामा चौधरी ने पुलिस पर सीधा आरोप लगाया है कि उसने समय पर कार्रवाई नहीं की। सुदामा ने बताया कि जब उन्हें कॉल आया कि भूपेन्द्र मंडलोई अपनी पत्नी को मार रहा है, तब वह तत्काल मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि महिला ज़मीन पर पड़ी हुई थी और कह रही थी कि उसे जहर दे दिया गया है।

सुदामा चौधरी ने आरोप लगाया कि आरोपी के हाथ में धारदार हथियार था और उसने सभी को धमकाया कि “जो भी बीच में आएगा, उसे भी मार डालूंगा।” सुदामा ने यह भी बताया कि पुलिस को तत्काल सूचना दी गई थी और पुलिस बल को लेकर वे मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी अपनी कार से भाग चुका था।


थाना आजाद नगर का जवाब
– घटना हमारे क्षेत्र की नहीं जब विधिक आवाज़ समाचार की टीम ने आजाद नगर टीआई से संपर्क किया तो उनका कहना था, “यह घटना पूरी तरह से खुड़ैल थाना क्षेत्र की है। महिला द्वारा जहर वहीं खाया गया, और मौत का समय आजाद नगर में आया, इसलिए हमने मर्ग कायम कर जांच कर फाइल संबंधित थाना को भेज दी है।” टीआई का यह भी कहना था कि "हमने अपने स्तर पर जितनी कार्रवाई हो सकती थी, उससे अधिक की है।"

पुलिस और पीड़ित परिवार के बीच बन गया टकराव
जहां एक ओर फरियादी परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं पुलिस घटना की जिम्मेदारी से बचती नजर आ रही है। सवाल यह उठता है कि एक महिला की जान जा चुकी है, आरोपी खुलेआम धमकी देता है, हमला करता है, फरार हो जाता है और पुलिस सिर्फ “सीमा क्षेत्र” का हवाला देकर हाथ झाड़ लेती है?

विडियो फुटेज से साफ है कि प्रियंका को मारा गया
परिवार द्वारा जुटाए गए वीडियो फुटेज के मुताबिक प्रियंका की हालत पहले से ही खराब थी, बावजूद इसके आरोपी भूपेन्द्र ने लगातार उस पर प्रहार किए। वह बार-बार चिल्ला रहा था – “मैं इसे मार डालूंगा!”।

क्या पुलिस कर रही है लीपापोती?
फरियादी परिवार की मांग है कि आरोपी के खिलाफ तत्काल हत्या का केस दर्ज हो और उसे गिरफ्तार किया जाए। उनका कहना है कि अगर इंसाफ नहीं मिला, तो वे एसपी ऑफिस से लेकर सीएम हाउस तक हर दरवाज़ा खटखटाएंगे।

अब सवाल उठता है...

क्या थाना क्षेत्र की सीमाओं के बहाने हत्या जैसे मामलों में देरी जायज़ है?

क्या पुलिस की यह कार्रवाई कानून के दायरे में आती है?

क्या प्रियंका को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता, तो उसकी जान बच सकती थी?

विधिक आवाज़ समाचार इस पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मुहिम में साथ खड़ा है।




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