इंदौर न्यायालय मुख्यालय में चैक बाउंस यानी चैक अनादरण के मामलों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए न्यायिक प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
रिपोर्ट: विधिक आवाज़ समाचार | इंदौर,
विश्वामित्र अग्निहोत्री | 07 अप्रैल 2025
इंदौर में चैक बाउंस के लगभग 50 हजार प्रकरण लंबित हैं, जिनके शीघ्र निराकरण को सुनिश्चित करने के लिए पांच विशेष न्यायालयों का गठन किया गया है। इस फैसले से वर्षों से लंबित मामलों में तेजी से सुनवाई की उम्मीद की जा रही है।
इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय इंदौर के सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि रजिस्ट्री के निर्देशानुसार इन विशेष न्यायालयों की स्थापना की गई है। लगातार बढ़ते प्रकरणों की संख्या के चलते यह आवश्यक हो गया था कि न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाया जाए ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।
गठित विशेष न्यायालयों में निम्नलिखित न्यायाधीशों को नामित किया गया है –
श्रीमती साक्षी कपूर, पंचम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड, इंदौर
श्री भूपेन्द्र तिवारी, नवम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड, इंदौर
सुश्री हर्षिता सिंगार, दशम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड, इंदौर
श्री पंकज श्रीवास्तव, तेरहवें व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड, इंदौर
श्री मोहित रघुवंशी, सोलहवें व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड, इंदौर
इन सभी न्यायाधीशों के न्यायालयों को अब विशेष न्यायालय घोषित किया गया है। इनका उद्देश्य चैक अनादरण से जुड़े मामलों में प्राथमिकता के आधार पर त्वरित सुनवाई और न्याय देना है।
इस पहल से न्यायिक प्रक्रिया में गति आएगी और आम जनता को शीघ्र न्याय की प्राप्ति सुनिश्चित होगी, जो कि न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता और कुशलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
