जानिए कौन है डेविड हेडली, जिसने रची थी 26/11 हमले की साजिश, तहव्वुर राणा से क्या है उसका संबंध?
विधिक आवाज़ समाचार |नई दिल्ली
रिपोर्ट: राजेश कुमार यादव |दिनांक: 11 अप्रैल 2025
मुंबई में वर्ष 2008 में हुए भीषण आतंकी हमले के मास्टरमाइंड में से एक तहव्वुर हुसैन राणा को भारत लाया जा रहा है। एक विशेष विमान के जरिए राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया, जहां उसकी कानूनी लड़ाई समाप्त हो चुकी है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भी उसके प्रत्यर्पण के विरुद्ध अंतिम अपील खारिज कर दी थी।
तहव्वुर राणा का डेविड हेडली से क्या संबंध है?
तहव्वुर राणा, मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली का नजदीकी साथी और बचपन का दोस्त है। दोनों ने पाकिस्तान के एक सैन्य बोर्डिंग स्कूल से साथ में पढ़ाई की थी। हेडली की भारत में आवाजाही और जासूसी गतिविधियों को संभव बनाने में राणा की अहम भूमिका रही। राणा की अमेरिका स्थित इमिग्रेशन फर्म हेडली के लिए मुखौटे के रूप में इस्तेमाल हुई, जिसने उसे भारत में घूमने और आतंकी साजिश रचने की छूट दी।
कौन है डेविड हेडली?
डेविड हेडली उर्फ दाऊद गिलानी, एक पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिक है। उसका जन्म वाशिंगटन डीसी में हुआ, लेकिन बचपन पाकिस्तान में बीता। वह आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ गया और 2002 से 2005 के बीच उसने पाकिस्तान में कई आतंकी प्रशिक्षण शिविरों में भाग लिया।
हेडली 2006 से 2008 के बीच कई बार भारत आया और ताज महल होटल, सीएसटी स्टेशन और नरीमन हाउस जैसे प्रमुख स्थानों की टोह ली। उसकी ये यात्राएं 'व्यवसायिक सलाहकार' के रूप में होती थीं, लेकिन असल मकसद था हमलों की तैयारी।
गिरफ्तारी और सजा
2009 में अमेरिका में उसे डेनमार्क के एक अखबार पर हमले की योजना और 26/11 हमलों में उसकी संलिप्तता के कारण गिरफ्तार किया गया। उसने अमेरिकी अदालत में अपना जुर्म कबूल किया और सरकार को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इस सहयोग के बदले उसे मृत्युदंड से राहत मिली और वर्तमान में वह अमेरिका की जेल में 35 वर्ष की सजा काट रहा है।
हेडली की गवाही ने 26/11 हमलों में पाकिस्तान की भूमिका, लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क और आईएसआई के संभावित संपर्कों को उजागर किया था। भारत के लिए तहव्वुर राणा की प्रत्यर्पण एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे हमले की गहराई से जांच और न्याय की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
