तीन बच्चों की मां ने 12वीं के छात्र से रचाई शादी, प्रेम में छोड़ा धर्म और परिवार


अमरोहा की शबनम बनी शिवानी, मंदिर में रचाई तीसरी शादी, किशोर प्रेमी के लिए छोड़ा सब कुछ

विधिक आवाज़ समाचार |अमरोहा, उत्तर प्रदेश
रिपोर्ट: राजेश कुमार यादव| तारीख: 10 अप्रैल 2025

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले मेंy एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां तीन बच्चों की मां शबनम (26) ने अपने 17 वर्षीय प्रेमी शिवा, जो अभी कक्षा 12वीं का छात्र है, से मंदिर में शादी कर ली। इस प्रेम कहानी ने न केवल सामाजिक परंपराओं को चुनौती दी है, बल्कि कानूनी और धार्मिक दायरों में भी बहस छेड़ दी है।

तीसरी शादी, नया धर्म और नया नाम
मिली जानकारी के अनुसार शबनम की यह तीसरी शादी है। पहले पति से तलाक के बाद वह अपने दूसरे पति के साथ रह रही थी, लेकिन अब उसने उसे भी छोड़ दिया है। प्रेमी शिवा से रिश्ता मजबूत होने पर शबनम ने न सिर्फ अपने पति और तीन बच्चों को छोड़ा, बल्कि इस्लाम धर्म त्याग कर हिंदू धर्म अपनाया और अपना नया नाम 'शिवानी' रख लिया। दोनों ने स्थानीय मंदिर में सात फेरे लेकर शादी रचाई।

प्रेम की शुरुआत और सामाजिक प्रतिक्रिया
बताया जा रहा है कि शबनम और शिवा की मुलाकात पड़ोस में होने के चलते हुई थी। धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और फिर यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। इस रिश्ते को लेकर परिवार और समाज में काफी विरोध हुआ, लेकिन दोनों ने सभी को दरकिनार कर अपने फैसले को प्राथमिकता दी।

किशोर प्रेमी की उम्र पर कानूनी सवाल
हालांकि मामला तब और पेचीदा हो गया जब सामने आया कि शिवा अभी नाबालिग (17 वर्ष) है। भारतीय कानून के अनुसार पुरुष की वैध विवाह की उम्र 21 वर्ष है। ऐसे में इस शादी की वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले की जानकारी स्थानीय प्रशासन और बाल संरक्षण इकाइयों को दी गई है।

धर्म परिवर्तन और शादी पर प्रशासन की नजर
शबनम द्वारा धर्म परिवर्तन कर मंदिर में विवाह किए जाने की सूचना पर प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या शादी और धर्म परिवर्तन कानूनी प्रक्रिया के अनुसार किया गया है या नहीं।

परिवार में तनाव, बच्चों की चिंता
शबनम के इस फैसले से उसके परिवार में गहरा तनाव है। तीन मासूम बच्चों को छोड़कर मां के चले जाने से उनकी देखभाल को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। बच्चों की कस्टडी को लेकर आगे मामला अदालत में जा सकता है।

निष्कर्ष:
यह मामला केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक, कानूनी और पारिवारिक कई स्तरों पर बहस का मुद्दा बन चुका है। नाबालिग से शादी, धर्म परिवर्तन, बच्चों की जिम्मेदारी और विवाह की वैधता – इन सभी पहलुओं पर अब कानून अपना रुख तय करेगा।

Previous Post Next Post

Featured Posts

Ads

نموذج الاتصال