नकली लहसुन , कहा से आ रहा है क्यू मची लूट ? 100 रुपए का 300 रुपए तस्कर उठा रहे फायदा ।


नकली लहसुन , कहा से आ रहा है क्यू मची लूट ? 100 रुपए का 300 रुपए तस्कर उठा रहे फायदा ।
  1. 16 टन 'नकली' लहसुन पकड़ा गया, जानिए ये कैसे हो रहा तैयार, खाने से क्या होगा असर?
  2. कितना खतरनाक है चाइनीज लहसुन
  3. कस्टम विभाग पर उठ रहे सवाल
  4. सेहत के लिए खतरनाक है ये लहसुन
  5. चीन की बड़ी साजिश नाकाम, नेपाल बॉर्डर पर 16 टन चाइनीज लहसुन जब्त 
  6. नेपाल से आ रहा है चाजनीज लहसुन

जानकारी के मुताबिक, बीते एक महीने के दौरान कस्टम विभाग ने अलग-अलग बरामदगी में नेपाल से तस्करी के जरिए भारत में लाया गया लगभग 16 टन चाइनीज लहसुन बरामद किया था. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह चाइनीज लहसुन सेहत के लिए बेहद हानिकारक है.

जानकारी के मुताबिक, बीते एक महीने के दौरान कस्टम विभाग ने अलग-अलग बरामदगी में नेपाल से तस्करी के जरिए भारत में लाया गया लगभग 16 टन चाइनीज लहसुन बरामद किया था. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह चाइनीज लहसुन सेहत के लिए बेहद हानिकारक है. इसमें मौजूद फंगस से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. बावजूद इसके ग्रामीण इसे ले जा रहे हैं. एक ग्रामीण ने कहा कि हम इसे खाने के लिए नहीं, बल्कि खेतों में बुआई के लिए ले जा रहे हैं। 


उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा पर कूड़े से चाइनीज लहसुन की लूट मच गई. दरअसल, कस्टम विभाग ने हाल ही में 16 टन चाइनीज लहसुन को जब्त किया था, जिसे स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है. इस लहसुन में लैब टेस्ट में फंगस मिला था, जिसके बाद इसे प्रतिबंधित कर दिया गया था. जिसके बाद कस्टम विभाग ने लहसुन को नष्ट करने के उद्देश्य से मिट्टी में दबा दिया था. अधिकारी जैसे ही मौके से हटे तो स्थानीय गांव के बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं उसी जगह पर पहुंचकर मिट्टी खोदकर चाइनीज लहसुन निकालना शुरू कर दिया, जिसके बाद लहसुन निकालने की ग्रामीणों में होड़ मच गई.

इस पूरी घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि जब यह पता था कि चाइनीज लहसुन सेहत के लिए खतरनाक है, तो उसे पूरी तरह से नष्ट क्यों नहीं किया गया? विभाग ने लहसुन को सिर्फ मिट्टी में दबाने की जगह पूरी तरह जलाकर या अन्य तरीके से नष्ट क्यों नहीं किया? लहसुन को मिट्टी में दबाए जाने के बाद ग्रामीण उसे आसानी से निकालकर घर ले जा रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बाजार में लहसुन की ऊंची कीमतों के चलते उन्होंने इसे खेतों में बोने के लिए निकाला है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस लहसुन का इस्तेमाल किसी भी रूप में खतरनाक साबित हो सकता है

कस्टम अधिकारी ने बताया कि पकड़ा गया चाइनीज लहसुन का जब लैब टेस्ट हुआ तो फंगस से इन्फेक्टेड बताया गया, जिससे इसको भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया था. चीनी लहसुन के बारे में डॉ. अमित राव गौतम ने बताया कि यह हमारी सेहत के लिए बहुत ही खतरनाक है, क्योंकि यह नेचुरल प्रोसेस से पैदा नहीं होता है. इसको आर्टिफिशियल तरीके से ग्रो कराया जाता है. इसके कई साइड इफेक्ट हैं. जैसे गैस्ट्राइटिस होना, पेट में सूजन होना आदि. इस वजह से ये भारत में प्रतिबंधित है.

उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में स्थित भारत-नेपाल सरहद पर मौजूद सुरक्षा एजेंसियों ने चीन की बड़ी साजिश को नाकाम किया है. नेपाल के रास्ते भारत मे भेजी जा रही 16 टन चायनीज लहसुन को सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़ कर कस्टम कार्यालय को सौपा था जिसमें से 1400 कुंटल लहसुन को कस्टम विभाग ने डिस्ट्रॉय कर दिया 

अगर आप अपने खाने में लहसुन का प्रयोग कर रहे हैं, तो हो जाएं सावधान क्योंकि हो सकता है जो बाजारों से लहसुन आप घर ला रहे हैं वो चाइनीज लहसुन हो सकता है, जिसका आपके स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ेगा और आप बीमार हो सकते हैं. दरअसल, भारत में इस बार बाढ़ और बारिश के कारण लहसुन की पैदावार कम होने की वजह से इसके दाम आसमान छू रहे हैं .भारत में कीमतों में इजाफा होने पर अब तस्कर चीन से लहसुन भारत ला रहे हैं. चीन से लहसुन पहले नेपाल लाया जा रहा है फिर उसे भारत नेपाल की खुली सीमा के रास्ते सीमावर्ती क्षेत्र के बाजारों समेत कई शहरों में भेजा जा रहा है.  

आपको बता दे कि यूपी के महराजगंज जिले के बाजारों में भारतीय लहसुन 260- 300 रुपये किलो तक बिक रहे है वहीं, चाजनीज लहसुन बाजारो में 100 से 150 रुपये किलो में बिक रहे है, जिसका फायदा तस्कर उठा रहे है और खुली सीमा का फायदा उठाकर नेपाल से भारी मात्रा में चाईनीज लहसुन भारतीय बाजारों में खपा रहे है. भारत नेपाल सीमा पर तैनात कस्टम के डीसी ने बैभव सिंह ने बताया कि बीते एक महीना में लगभग 16 टन चाइनीज लहसुन को बरामद किया गया है उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों को पता चला था कि नेपाल में भारी मात्रा में चाइनीज लहसुन को डंप किया गया है, जिसको देखते हुए भारत नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.


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