मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को लेकर पाकिस्तान ने एक बार फिर अपने पुराने रवैये पर चलते हुए जिम्मेदारी से किनारा कर लिया है।
विधिक आवाज़ समाचार |नई दिल्ली
रिपोर्ट: राजेश कुमार यादव |दिनांक: 11 अप्रैल 2025
2008 के मुंबई आतंकी हमलों की साजिश में मुख्य भूमिका निभाने वाले तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है। इसी बीच पाकिस्तान सरकार ने बयान जारी कर कहा है, "राणा का हमसे कोई लेना-देना नहीं है, वह अब कनाडाई नागरिक है और उसने पिछले दो दशकों से कोई पाकिस्तानी दस्तावेज नवीनीकरण नहीं कराया है।"
पाकिस्तानी कनेक्शन से इनकार
विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान का यह रुख 26/11 हमलों में उसकी संलिप्तता से बचने का प्रयास है। यह भी सर्वविदित है कि राणा के संबंध ISI और पाकिस्तानी सेना से रहे हैं, और भारत में होनी वाली पूछताछ में यह कड़ियाँ उजागर हो सकती हैं। पाकिस्तान की इस जल्दबाजी को उसी डर से जोड़कर देखा जा रहा है।
भारत की तैयारियां पूरी
राणा को लाने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल के हाई-सिक्योरिटी वॉर्ड में रखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी कड़ी निगरानी के लिए सभी इंतज़ाम कर लिए हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।
हमला जो आज भी देश की रूह को कंपा देता है
26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई हमले में 166 मासूम नागरिकों की जान गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। यह हमला लश्कर-ए-तैयबा द्वारा अंजाम दिया गया, जिसमें हेडली और तहव्वुर राणा की अहम भूमिका थी। भारत को अब राणा से पाकिस्तानी नेटवर्क और आतंकी साजिशों से जुड़ी अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
क्या राणा की गवाही से पाकिस्तान बेनकाब होगा?
अब सबकी निगाहें भारत की जांच एजेंसियों और तहव्वुर राणा से होने वाली पूछताछ पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान के लंबे समय से चले आ रहे इनकार के पीछे की सच्चाई अब सामने आएगी?
