1 अप्रैल से प्याज निर्यात पर 20% शुल्क खत्म, सरकार का बड़ा फैसला-


नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने किसानों और निर्यातकों को राहत देते हुए प्याज पर लगाए गए 20% निर्यात शुल्क को समाप्त करने का फैसला किया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं
सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि 1 अप्रैल 2025 से प्याज निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

विधिक आवाज़ समाचार | नई दिल्ली
खबर : विश्वामित्र अग्निहोत्री|23 मार्च 2K25

सरकार का क्या है निर्णय?

CBIC द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि "जनहित में यह कदम उठाना आवश्यक है, इसलिए प्याज पर निर्यात शुल्क शून्य किया जाता है।" सरकार के इस फैसले से प्याज उत्पादकों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि वे अब बिना किसी अतिरिक्त कर के अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्याज बेच सकेंगे।

प्याज किसानों को मिलेगी राहत

देश के कई राज्यों—महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और बिहार—में प्याज का बड़ा उत्पादन होता है। किसान पिछले कुछ महीनों से प्याज की कम कीमतों और निर्यात पर लगे 20% शुल्क से परेशान थे। अब सरकार के इस फैसले से उन्हें अपनी उपज का उचित दाम मिलने की उम्मीद है।

कब और क्यों लगाया गया था निर्यात शुल्क?

प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने अगस्त 2023 में 40% निर्यात शुल्क लगाया था, जिसे बाद में दिसंबर 2023 में घटाकर 20% कर दिया गया। सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में प्याज की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना और महंगाई को रोकना था।

कैसे बदलेगा निर्यात कारोबार?

निर्यात शुल्क हटने से भारत के प्याज कारोबार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई मजबूती मिलेगी। भारत प्रमुख रूप से बांग्लादेश, मलेशिया, श्रीलंका, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम को प्याज निर्यात करता है। शुल्क हटने के बाद इन देशों में भारतीय प्याज की मांग और बढ़ने की संभावना है।

ट्रेडर्स और किसानों की प्रतिक्रिया
किसान संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है।

व्यापारियों का कहना है कि अब वे वैश्विक बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

प्याज उत्पादक किसानों को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है।

आगे क्या?

सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि भविष्य में फिर से निर्यात शुल्क लगाया जाएगा या नहीं। हालांकि, वर्तमान में 1 अप्रैल 2025 से प्याज निर्यात पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।

निष्कर्ष

सरकार का यह फैसला किसानों और निर्यातकों के लिए राहतभरा कदम साबित हो सकता है। इससे प्याज की कीमतों में स्थिरता आएगी और देश का निर्यात कारोबार मजबूत होगा। अब देखना यह होगा कि इसका असर घरेलू बाजार पर किस तरह पड़ता है।

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